By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, आठ सितंबर उच्चतम न्यायालय ने एक याचिकाकर्ता से मंगलवार को कहा कि वह देशभर के ‘ए’ श्रेणी के सभी ताप विद्युत संयंत्रों में ‘फ्लू गैस डीसल्फराइजेशन’ (एफजीडी) प्रणाली लगाने और उसे चालू करने का काम पूरा कराने के अनुरोध को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) का रुख करे। कोयले से चलने वाले संयंत्रों में पर्यावरण नियमों के अनुरूप सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने के लिए एफजीडी प्रणाली लगाई जाती है। यह प्रणाली धुएं से सल्फर डाइऑक्साइड को हटाने में मदद करती है।
अदालत ने एनजीटी से कहा कि वह याचिकाकर्ता के अंतरिम राहत संबंधी अनुरोध पर सुनवाई करे और उचित आदेश पारित करे। पीठ ने स्पष्ट किया कि उसने याचिका के गुण-दोष पर विचार नहीं किया है। याचिकाकर्ता ने केंद्र और अन्य पक्षों को ये निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था कि देशभर के ‘ए’ श्रेणी के सभी ताप विद्युत संयंत्रों में तय समयसीमा के भीतर एफजीडी प्रणाली लगाने और उसे चालू करने का काम पूरा किया जाए।
याचिका में कहा गया कि इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिसंबर 2015 में एक अधिसूचना जारी की थी। याचिका में एफजीडी प्रणाली लगाने के काम की प्रगति की निगरानी और देशभर के ‘ए’ श्रेणी के ताप विद्युत संयंत्रों में उत्सर्जन मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित करने का भी अनुरोध किया गया। ‘ए’ श्रेणी के ताप विद्युत संयंत्र वे हैं, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र या 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं।