सेंट्रल विस्टा परियोजना को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, सुनवाई को दौरान सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

By अंकित सिंह | Nov 23, 2021

मोदी सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी मिल गई है। प्लॉट के लैंड यूज़ में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया जहां लुटियंस दिल्ली में उपराष्ट्रपति का नया आधिकारिक आवास बनेगा। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ ने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा पर्याप्त स्पष्टीकरण दिये गये हैं जो भूखंड के भूमि उपयोग में परिवर्तन को सही ठहराते हैं। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए यह भी कह दिया कि यहां कोई प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं बनाई जा रही। इस जमीन का इस्तेमाल हमेशा सरकारी कामों के लिए ही किया जाता रहा है। दरअसल, याचिका में कहा गया था कि जहां उपराष्ट्रपति का आवास बनाया जा रहा है वहां इससे चिल्ड्रन पार्क और हरियाली खत्म हो जाएगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह कहा कि अगर उपराष्ट्रपति का आवास वहां बनाया जाएगा तो उसमें हरियाली होनी तय है। पीठ ने कहा, “हमें इस मामले की और जांच करने का कोई कारण नहीं मिला और इसलिए इस याचिका को खारिज करके पूरे विवाद को खत्म कर रहे हैं।” 

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