By अभिनय आकाश | Oct 26, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और 'घास-फूल' चुनाव चिह्न पर अपने दावों के संबंध में, चुनाव आयोग के समक्ष हलफनामे दाखिल करने के लिए दोनों गुटों को अतिरिक्त समय दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ऋतुराज बनर्जी गुट को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया। वहीं, TMC के ममता बनर्जी गुट को भी ऋतुराज बनर्जी गुट द्वारा दाखिल हलफनामे पर जवाब देने के लिए 10 दिन का समय दिया गया। चुनाव आयोग के समक्ष जवाब दाखिल करने की आखिरी तारीख सोमवार थी। ऋतुराज बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने चुनाव आयोग के सामने अपना जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दो हफ्ते का और समय मांगा था। ममता बनर्जी गुट ने इस मांग का विरोध किया। पिछली सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह तीन महीने के भीतर इस मामले पर फैसला ले।
इस मामले में अयोग्यता याचिकाएं 8 जुलाई को दायर की गई थीं। चट्टोपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने में देरी करने का एक पैटर्न बन गया है, जिसमें बाद में अलग हुए गुट खुद को असली राजनीतिक दल होने का दावा करते हैं। इन याचिकाओं में अरूप रॉय, रीताब्रत बनर्जी, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, सेउली साहा, अखरुज्जमां, सबीना यास्मीन, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा और जावेद अहमद खान को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।