By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 09, 2026
नयी दिल्ली, नौ सितंबर पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि सालबोनी जमीन हड़पने के मामले में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है, क्योंकि उसने एक बैंक खाते में बड़ी मात्रा में नकदी जमा की थी। राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि जांच के दौरान रॉय सवालों के जवाब देने से बचता रहा। मेहता ने पीठ से कहा, ‘‘ मैंने रिकॉर्ड पर बातचीत के प्रतिलेख (ट्रांसक्रिप्ट) रखे हैं।
बुधवार की सुनवाई के दौरान रॉय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि समाचार रिपोर्टों के अनुसार मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। मेहता ने कहा कि आरोपपत्र एक अन्य आरोपी के खिलाफ दाखिल किया गया है और उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रॉय से संबंधित जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी को रॉय की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता बताते हुए मेहता ने कहा कि जांच के अनुसार उसने बैंक खाते में बड़ी मात्रा में नकदी जमा की थी।
उन्होंने 71 लाख रुपये की जमा राशि का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘यह तो शायद हिमशैल की सिर्फ ऊपरी सतह है।’’ मेहता ने दावा किया कि कुल जमा राशि करीब 15 करोड़ रुपये है और बड़ी संख्या में लेन-देन हुए हैं। शीर्ष कानून अधिकारी ने कहा, ‘‘जो व्यक्ति पीए के रूप में काम करता है, वह अपने नाम पर करोड़ों रुपये जमा कर रहा है।’’ पीठ ने मेहता से कहा कि अदालत में दाखिल रिपोर्ट की एक प्रति रॉय के वकील को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद मामले को बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।
सात सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को उसके उस दावे के समर्थन में विस्तृत जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने की अनुमति दी थी जिसमें कहा गया था कि मामले की जारी जांच में रॉय पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रहा है।