By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह (Polygamy) को आपराधिक बनाने और दूसरी शादी के बाद पतियों द्वारा छोड़ी गई महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा और कानूनी सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब इस महत्वपूर्ण मामले पर संज्ञान लेते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा है। न्यायालय यह जानना चाहता है कि इस मुद्दे पर सरकार की क्या राय है और क्या इस संबंध में कोई कदम उठाने की आवश्यकता है। यह मामला मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और लैंगिक समानता से जुड़ा हुआ है, जिस पर समाज और कानून में लंबे समय से बहस चल रही है।
बहुविवाह का मुद्दा भारत में बहुविवाह एक संवेदनशील और विवादास्पद मुद्दा रहा है। हालांकि, मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत कुछ शर्तों के साथ पुरुषों को एक से अधिक विवाह की अनुमति है। याचिकाकर्ता इस प्रथा को समाप्त करने और महिलाओं को समान अधिकार दिलाने की वकालत कर रहे हैं। न्यायालय का यह कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।