By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बृहस्पतिवार को केंद्र, दिल्ली पुलिस और अन्य से जवाब मांगा। जुलाई में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के आसपास 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और सुरक्षा प्रतिबंध लगाए जाने से मध्य दिल्ली में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। कई जगहों पर यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ा था और कई लोगों को लंबे तथा अधिक खर्च वाले वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा था।
वास्तव में कोई आदेश पारित ही नहीं किया गया था। जनता को फैसले की जानकारी देने के लिए केवल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए थे।’’ न्यायमूर्ति बागची ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि आम तौर पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए संबंधित पुलिस कानूनों के तहत पुलिस आयुक्त या पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देश जारी किए जाते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि मेट्रो रेल अधिनियम के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत किसी मेट्रो स्टेशन को बंद किया जा सके।
इसके बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी करने पर सहमति जताई।