By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 11, 2023
नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक रिट याचिका पर प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचंड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि देश में एक दशक तक चले माओवादी उग्रवाद के दौरान पांच हजार लोगों की मौत की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रचंड के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने का अनुरोध किया गया है। उच्चतम न्यायालय के सूत्रों के अनुसार अधिवक्ता ज्ञानेंद्र आरण और माओवादी उग्रवाद के अन्य पीड़ितों ने मंगलवार को यह याचिका दायर की थी। सूत्रों ने कहा कि कल्याण बुद्धथोकी नामक व्यक्ति की एक और रिट याचिका पंजीकरण की प्रक्रिया में है।
अनुमान है किएक दशक तक चले उग्रवाद के दौरान लगभग 17,000 लोगों की मौत हुई। प्रचंड ने जनयुद्ध के नाम पर एक दशक तक सशस्त्र संघर्ष चलाया था। वर्ष 1996 की 13 फरवरी को शुरू हुआ विद्रोह 21 नवंबर, 2006 को तत्कालीन सरकार के साथ एक व्यापक शांति समझौते पर पहुंचने के बाद आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया था।