By अभिनय आकाश | Nov 27, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश को उन अपराधियों को वापस लाने का पूरा अधिकार है, जो कानून से बचने के लिए विदेश भाग जाते हैं। कोर्ट ने बुधवार को विजय मुरलीधर उदवानी की याचिका खारिज कर दी। उदवानी ने यूएई से प्रत्यर्पण प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की थी। गुजरात हाई कोर्ट ने भी उदवानी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। उदवानी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और उनके ऊपर 153 केस दर्ज हैं। आरोप है कि वह बूटलेगिंग और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। वह जुलाई 2022 में दुबई चला गया था और तब से वापस नहीं आया। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, 'वापस आइए, आपको रेड कार्पेट वेलकम मिलेगा।'
याचिका में यह भी कहा गया है कि सीबीआई और ईडी के आरोपपत्र धोखाधड़ी, धन शोधन या वित्तीय अनियमितता का कोई भी ठोस सबूत साबित करने में विफल रहे हैं। इसमें तर्क दिया गया है कि इन अनुपूरक आरोपों में प्रत्यर्पण आदेश का प्राधिकार नहीं है, इसलिए इन्हें भारतीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत बरकरार नहीं रखा जा सकता।
नाम फर्जीवाड़ा
नीरव मोदी 13000 करोड़ रु.
मेहुल चोकसी 13,500 करोड़ रु.
विजय माल्या 17,000 करोड़ रु.
सांदेसरा बंधु 14,000 करोड़ रु.
जतिन मेहता 6,000-8,500 करोड़