Supreme Court ने SEBI और NSE के बीच ₹1,500 करोड़ का समझौता मंजूर कर याचिकाएं निपटाईं

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 03, 2026

नयी दिल्ली, तीन सितंबर उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को ‘को-लोकेशन’ और ‘डार्क फाइबर’ मामलों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के खिलाफ दायर याचिकाओं का निपटान कर दिया। यह निपटान बाजार नियामक के एनएसई के साथ करीब 1,500 करोड़ रुपये के समझौते को मंजूरी दिए जाने के बाद किया गया है। ‘को-लोकेशन’ और ‘डार्क फाइबर’ मामले कुछ शेयर ब्रोकर को बाजार के आंकड़ें अन्य निवेशकों से कुछ पहले अनुचित एवं तरजीही रूप से मिलने के आरोपों से जुड़े हैं।

एनएसई ने पहले 776.47 करोड़ रुपये जमा कराये थे। ताजा भुगतान के साथ संशोधित शर्तों के तहत निर्धारित 1,491.21 करोड़ रुपये की पूरी समझौता राशि का भुगतान हो गया है। एनएसई ने शुरुआत में 20 जून, 2025 को सेबी के समक्ष दो अलग-अलग समझौता आवेदन दायर किए थे।

इनमें ‘को-लोकेशन’ और ‘डार्क फाइबर’ मामलों के लिए कुल 1,387.39 करोड़ रुपये के समझौते का प्रस्ताव किया गया था। इसके बाद 13 मार्च, 2026 को एनएसई ने समझौते की शर्तों को संशोधित करते हुए कुल राशि बढ़ाकर 1,491.21 करोड़ रुपये कर दी। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रहा है।

एनएसई ने जून में आईपीओ के लिए सेबी के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे। प्रस्तावित आईपीओ में मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 14.89 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। यह शेयर बाजार की कुल इक्विटी पूंजी का करीब छह प्रतिशत है।

सूत्रों के अनुसार, चूंकि आईपीओ में नए शेयर जारी करने का कोई हिस्सा नहीं है, इसलिए प्रस्तावित निर्गम का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह भारतीय पूंजी बाजार में सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम में से एक होगा।

प्रमुख खबरें

Kirit Somaiya मुंबई एयरपोर्ट के पास मस्जिद हटाने की मांग पर निकालेंगे हथौड़ा रैली

Ayodhya Deepotsav 2024: सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य तय

PM Modi और Donald Tusk की बैठक, 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर बनी सहमति

Pushkar Singh Dhami ने Rekha Arya विवाद पर कहा शादी के 22 साल बाद आरोप क्यों निष्पक्ष जांच जरूरी