By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 29, 2026
उच्चतम न्यायालय बृहस्पतिवार को मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें कहा गया है कि मध्यप्रदेश के धार में विवादित भोजशाला परिसर के पास जुमे की नमाज अदा करने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने के अदालती निर्देशों का पालन नहीं किया गया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने 24 जुलाई को कहा था कि याचिका पर बुधवार को सुनवाई की जाएगी। हालांकि, पीठ के जल्दी उठ जाने के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी।
स्थान 1.3 किलोमीटर दूर है और (ज़िला) कलेक्टर ने आदेश दिया है कि सिर्फ़ यही स्थल आवंटित किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि अदालत के पहले के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा। विधि अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने एक और जगह की पहचान की है। उन्होंने पीठ से कहा, ‘‘नहीं, नहीं।
हम फिर से मिले थे। हमारे पास एक और जगह है।’’ हालांकि, अहमदी ने प्रस्तावित जगह पर आपत्ति जताई तथा कहा कि यह स्थान उपयुक्त नहीं है और बहुत दूर है। उन्होंने कहा कि भोजशाला स्थल के पास एक दरगाह है और उसके सामने ज़मीन है जो आवंटित की जा सकती है।
पीठ ने 14 जुलाई को मुस्लिम पक्ष की अपील पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक विवादित भोजशाला परिसर (जिसे मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर घोषित किया था) के पास जुमे की नमाज़ के लिए अपराह्न एक बजे से तीन बजे के बीच एक अलग खुली जगह उपलब्ध कराई जाए।