By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 30, 2026
सूरत, 29 जुलाई गुजराज में सूरत जिला अदालत को बम से उड़ाने की फर्जी धमकी वाला ईमेल भेजने के आरोप में 35 वर्षीय एक मजदूर को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी इंस्टाग्राम के प्रति अपनी दीवानगी को लेकर इस आपराधिक गतिविधि में शामिल हुआ और वह आगे उच्चतम न्यायालय को भी इसी तरह की धमकी देने की तैयारी कर रहा था।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त करजराज वाघेला ने बताया कि 13 जुलाई की शाम जिला अदालत को एक ईमेल मिला था, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर के अंदर 5,000 किलोग्राम आरडीएक्स बम रखा गया है। उन्होंने बताया कि इसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन बाद में यह धमकी फर्जी साबित हुई। पुलिस ने बताया कि रतन ने नौवीं कक्षा तक की पढ़ाई की है और यूट्यूब पर वीडियो देखकर खुद ईमेल भेजना सीखा।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि इंस्टाग्राम रील्स में बम धमकी से जुड़े फर्जी वीडियो देखने के बाद उसने उसी तरीके को अपनाने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, रतन के मोबाइल फोन से उच्चतम न्यायालय को संबोधित एक ईमेल का ड्राफ्ट भी बरामद किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह वहां भी बम की धमकी वाला ईमेल भेजने की योजना बना रहा था। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में रतन ने यह स्वीकार भी किया है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि बेरोजगार होने के बाद रतन अपना काफी समय अन्य लोगों के मोबाइल हॉटस्पॉट से अपना फोन जोड़कर यूट्यूब वीडियो और सोशल मीडिया रील्स देखने में बिताता था। पुलिस के अनुसार, वह कंटेंट क्रिएटर बनने के तरीके सीखना चाहता था, लेकिन इसी दौरान वह वायरल फर्जी बम धमकी वाले वीडियो से प्रभावित हो गया।