By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 19, 2026
मेरठ में शनिवार को भारतीय वायुसेना के पहली बार आयोजित एयर शो में सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम के नौ हॉक एमके-132 विमानों ने आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाए। अधिकारियों ने बताया कि विमानों की गड़गड़ाहट से आसमान गूंज उठा और जमीन से करीब 200 फुट की ऊंचाई पर धुएं की लकीरों से तिरंगा बनाया गया। न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुए करीब 30 मिनट के हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
विमानों ने वी-फॉर्मेशन, लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और ‘डीएनए’ मैन्यूवर सहित विभिन्न करतब दिखाए। अधिकारियों के अनुसार, दो विमानों के आमने-सामने आकर ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए निकलने पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह जताया। अधिकारियों के अनुसार, विमानों के पीछे निकलने वाली केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-लकीरों से आसमान में तिरंगे की छटा दिखाई दी।
अधिकारियों के अनुसार, इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर पहुंचे नौ विमानों ने एक-दूसरे से बेहद कम दूरी बनाए रखते हुए सामूहिक उड़ान भरी। कभी सीधे उड़ते हुए तो कभी पलटी खाते हुए नीचे आते विमानों ने कई करतब दिखाए।
विमानों के ऊपर से गुजरते ही दर्शक तालियां और सीटियां बजाने लगे तथा भारत माता की जय और जय हिंद के नारे लगाए। सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें मेरठ के तीन पायलट भी शामिल रहे। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों से प्रदर्शन किया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से शो के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।
अधिकारियों ने बताया कि स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल के परिवार के सदस्य भी उनका प्रदर्शन देखने पहुंचे थे तथा उनकी पत्नी, माता-पिता और भाई-बहन कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। परिवार ने कहा कि अमन को आसमान में प्रदर्शन करते देखना उनके लिए बेहद खास और गर्व का क्षण है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान आयोजन स्थल पर वायुसेना की ओर से एक स्टॉल भी लगाया गया, जहां छात्र और दर्शक भारतीय वायुसेना से जुड़ी जानकारी लेते नजर आए।
अधिकारियों ने बताया कि एयर शो समाप्त होने के बाद स्क्वाड्रन लीडर विक्रम ने वहां मौजूद छोटे स्कूली बच्चों को उपहार दिए और उन्हें रविवार को भी एयर शो देखने के लिए आमंत्रित किया। मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि यह मेरठ और मेरठवासियों के लिए गर्व का विषय है कि पहली बार शहर में इतना शानदार एयर शो हुआ। उन्होंने सूर्यकिरण एयरोबैटिक्स टीम के पायलटों को बधाई देते हुए कहा कि मेरठ के तीन पायलटों की इसमें भागीदारी विशेष रूप से गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को देखकर पायलटों के प्रशिक्षण, उनके साहस और विमानों के बीच बेहतर समन्वय का अनुभव हुआ। जिलाधिकारी ने आयोजन में सहयोग करने वाले पुलिस, प्रशासन और नगर निगम समेत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि शनिवार को सीमित संख्या में लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने आसपास से एयर शो देखा।
उन्होंने मेरठवासियों से रविवार को भी आसपास के क्षेत्र से प्रदर्शन देखने की अपील की। दो दिवसीय एयर शो का रविवार को अंतिम दिन है और इसके लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, मेरठ में एयर शो आयोजित करने का प्रस्ताव 13 मई को भेजा गया था और आठ सितंबर को इसे आधिकारिक मंजूरी मिली।
सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। टीम में 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं।