सूरत के GMC में छात्र आत्महत्या मामले में दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अरेस्ट

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 11, 2026

गुजरात के सूरत स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर (पीजी) के प्रथम वर्ष के एक छात्र की आत्महत्या के दो महीने से अधिक समय बाद पुलिस ने इस सिलसिले में रविवार को दो वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों को गिरफ्तार किया। उन पर छात्र और नौ अन्य लोगों को व्यवस्थित तरीके से प्रताड़ित करने और रैगिंग करने का आरोप है। सहायक पुलिस आयुक्त जेड आर देसाई ने बताया कि आरोपी चिकित्सक दीक्षिता घेवरिया और हिना भट को हर्ष पांड्या की मौत के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार रहने के बाद पकड़ा गया।

रैगिंग-रोधी समिति के अनुसार, आरोपी पांड्या की रैगिंग करने में शामिल थे, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।’’ उन्होंने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों में छिपे हुए थे और मामले को रद्द कराने के लिए याचिकाएं भी दायर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दो अन्य आरोपियों -निराली वासावे और अनुज माहेश्वरी- को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। खटोदरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 54 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

संस्थान की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को कोई काम सौंपने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के प्रथम वर्ष के 10 रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रताड़ित किया। देसाई ने कहा कि पांड्या ने मार्च-अप्रैल में दाखिला लिया था और इसके बाद तीन से चार महीने तक उसकी रैगिंग की जाती रही।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी, डॉक्टर पांड्या और अन्य छात्रों को अपमानित करते थे, उन्हें मौखिक रूप से प्रताड़ित करते थे और संकाय सदस्यों से झूठी शिकायत करते थे कि वे अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, पांच अगस्त को वरिष्ठ छात्रों ने व्हाट्सऐप संदेश भेजकर प्रथम वर्ष के छात्रों को सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की सीरोलॉजी प्रयोगशाला में बुलाया। वहां उन्हें कथित तौर पर दो घंटे तक अवैध रूप से रोके रखा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अभद्र टिप्पणियां कर अपमानित किया गया।

मामले की जांच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. सुमैया मुल्ला और संकाय सदस्यों डॉ. संगीता राजदे, डॉ. योगिता मिस्त्री तथा डॉ. लतिका पुरोहित को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किए थे। रैगिंग-रोधी समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग में कार्यरत वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, तकनीशियनों और सफाईकर्मियों के बयान दर्ज किए थे। यह कार्रवाई प्रथम वर्ष के नौ रेजिडेंट चिकित्सकों और मृतक छात्र के पिता की शिकायतों के आधार पर की गई थी।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शारीरिक प्रताड़ना या इस तरह की प्रताड़ना के कारण छात्र की मौत होने का कोई सबूत नहीं मिला।

प्रमुख खबरें

TMC विधायक बिभास सरदार पर हमले का आरोप, पार्टी ने BJP को घेरा

VHP ने फिल्म निर्माता Vivek Agnihotri पर साधा निशाना, धार्मिक रीति-रिवाजों के अपमान का आरोप

Steve Smith ने Test Cricket में 221 कैच लेकर रचा इतिहास, Joe Root का रिकॉर्ड तोड़ा

Mumbai के शिवाजी पार्क में Aaditya Thackeray और Amit Thackeray का प्रदर्शन तेज