By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 08, 2017
रेलवे में संरक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिये जाने की बात को रेखांकित करते हुए सरकार ने आज कहा कि रेल दुर्घटनाओं में पिछले एक दशक में कमी दर्ज की गई है जो 2006.07 की 195 दुर्घटनाओं से घटकर 2016.17 में फरवरी के पहले सप्ताह में 95 हो गई। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे सुरक्षा और संरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही इस बजट में रेलवे संरक्षा निधि का प्रस्ताव किया गया और इस उद्देश्य के लिए पांच वर्षों के लिहाज से एक लाख करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रकार से प्रतिवर्ष इस उद्देश्य के लिए 20 हजार करोड़ रूपये होते हैं।
लोकसभा में सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारतीय रेलवे गाड़ी परिचालन में संरक्षा को सर्वोच्च प्राथतिकता प्रदान करती है। 2006.07 में परिणामी रेल दुर्घटनाएं 195 थीं जो 2014.15 में घटकर 135 हो गईं और इसमें 2015.16 में और कमी आई तथा यह 107 दर्ज की गई। मंत्री ने कहा कि एक अप्रैल 2016 से छह फरवरी 2017 तक परिणामी गाड़ी दुर्घटनाओं की संख्या 95 दर्ज की गई। प्रभु ने कहा कि 2006.07 में प्रति दस लाख किलोमीटर गाड़ी दुर्घटनाएं 0.23 प्रतिशत थी जो 2014.15 में 0.11 प्रतिशत हो गई और 2015.16 में इसमें और कमी दर्ज होकर 0.10 प्रतिशत हो गई। रेल मंत्री ने कहा, ‘‘रेलवे दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नियमित तौर पर आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपना रही है।’’ उन्होंने कहा कि रेलवे दुर्घटनाओं को मोटे तौर पर कई श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है जिसमें टक्कर, गाड़ी का पटरी से उतरना, समपारों पर दुर्घटनाएं, गाड़ियों में आग लगना एवं अन्य दुर्घटनाएं शामिल हैं।