By रेनू तिवारी | Jul 23, 2026
संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET-UG) प्रश्नपत्र लीक मामला और छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में सभी तय कामकाज को स्थगित कर देश की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त संस्थागत संकट पर तत्काल चर्चा कराने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। सुरजेवाला ने अपने नोटिस में कहा है कि सदन शून्यकाल, प्रश्नकाल और दिन के अन्य सभी निर्धारित कार्यों को रोककर भारत की पूरी परीक्षा प्रणाली में उपजे इस गंभीर संकट पर प्राथमिकता से चर्चा करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीट परीक्षा रद्द होने से बाईस लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जिससे छात्रों में भारी अनिश्चितता और असंतोष का माहौल है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सदन शून्यकाल तथा प्रश्नकाल और दिन के अन्य निर्धारित कार्यों से संबंधित नियमों को स्थगित कर भारत की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त संस्थागत संकट पर तत्काल चर्चा करे।’’ राज्यसभा सदस्य सुरजेवाला ने कहा कि यह चर्चा विशेष रूप से इसलिए आवश्यक है क्योंकि संगठित प्रश्नपत्र लीक गिरोह संबंधी आरोपों के बाद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा- स्नातक (नीट-यूजी) 2026 परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कम से कम 65 भर्ती परीक्षाओं में बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने यह उजागर किया है कि वैधानिक सुरक्षा उपायों के बावजूद व्यवस्था संबंधी खामियां अब भी बनी हुई हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली के क्रियान्वयन में गंभीर कमियों के कारण मूल्यांकन, पारदर्शिता और प्रक्रियागत निष्पक्षता को लेकर व्यापक शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इससे लाखों छात्रों को शैक्षणिक, आर्थिक और मानसिक स्तर पर गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच वर्षों में नीट से जुड़े कम से कम 93 छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
उन्होंने अपने नोटिस में यह भी कहा कि जवाबदेही तय करने और सुधारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की खबरें आई हैं। उनके अनुसार, परीक्षाओं और सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल संस्थागत सुधारों की आवश्यकता है। सुरजेवाला ने कहा, ‘‘इन गंभीर चिंताओं को देखते हुए इस विषय पर सदन में तत्काल विचार और चर्चा की आवश्यकता है।’’
यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने संसद में सभी कामकाज स्थगित कर नीट प्रश्नपत्र लीक, छात्रों के आंदोलन और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है। सरकार ने कहा है कि वह नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस चाहती है कि राज्यसभा में यह चर्चा नियम 267 तथा लोकसभा में नियम 56 के तहत करायी जाए। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण पहले तीन दिनों के दौरान संसद के दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हो सका।