By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 28, 2018
नयी दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि सार्थक द्विपक्षीय बातचीत के लिए सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। उन्होंने कहा कि बातचीत का माहौल आतंक, दुश्मनी तथा हिंसा से मुक्त होना चाहिए। राज्यसभा में शिवसेना के सांसद अनिल देसाई के एक सवाल के लिखित जवाब में स्वराज ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से स्पष्ट कर दिया है कि एक सार्थक बातचीत के लिए सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है और यह माहौल आतंक, दुश्मनी तथा हिंसा से मुक्त होना चाहिए। देसाई ने सवाल किया था कि पाकिस्तान की निरंतर आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए पिछले तीन साल में भारत ने उसके खिलाफ क्या-क्या दंडात्मक आर्थिक और सैनिक प्रतिबंध लगाए हैं।
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विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘अमेरिका सहित कई देशों ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपने भूक्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति न दे। कई आतंकवादी गुट तथा व्यक्ति, जो पाकिस्तान में शरण लेकर भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं, उनका संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ तथा अन्य देशों द्वारा बहिष्कार किया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) ने जून 2018 में अपने पूर्ण सत्र में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी गुटों, जैसे- लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा तथा फलह-ए-इंसानियत को वित्तपोषण जारी रखने सहित आतंकवादी गुटों को वित्तपोषण जारी रखने संबंधी अपनी चिंताओं के कारण पाकिस्तान को ‘ग्रे-लिस्ट’ में डाल दिया है।’’