रूस को यूएनएचआरसी से निलंबित करना वैश्विक समुदाय का ‘सार्थक कदम’ है : बाइडन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 08, 2022

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो का अधिकार रखने वाले सदस्य देश रूस को संगठन की प्रमुख मानवाधिकार संस्था से निलंबित करने के फैसले की प्रशंसा की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के इस ‘‘सार्थक कदम’’ ने यह दिखाया है कि कैसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध ने उनके देश को ‘‘अंतरराष्ट्रीय रूप से अलग-थलग’’ कर दिया है। गौरतलब है कि 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से निलंबित करने का अमेरिका का प्रस्ताव बृहस्पतिवार को पारित कर दिया। उस पर इन आरोपों के तहत यह कार्रवाई की गयी कि रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव के समीप शहरों से पीछे हटते वक्त नागरिकों की हत्या की।

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ऐतिहासिक मतदान के बाद रूस परिषद के कामकाज में भाग नहीं ले पाएगा तथा वहां अपना दुष्प्रचार नहीं कर पाएगा क्योंकि परिषद का जांच आयोग यूक्रेन में रूस द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघनों और दुरुपयोग की जांच कर रहा है।’’ उल्लेखनीय है कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के किसी स्थायी सदस्य की सदस्यता विश्व निकाय की किसी भी संस्था से निलंबित नहीं की गयी है। यूक्रेन के बुचा और अन्य इलाकों से आ रही तस्वीरों को भयावह बताते हुए बाइडन ने कहा कि लोगों से दुष्कर्म, प्रताड़ित, हत्या किए जाने के संकेत हमारी साझा मानवता का अपमान है।

उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन में जो हो रहा है उसके पुख्ता सबूत के लिए रूस के झूठ का कोई मुकाबला नहीं है। इसलिए हर क्षेत्र में देश रूस के यूक्रेन के खिलाफ बिना उकसावे के और बर्बर आक्रमण की निंदा कर रहे हैं और यूक्रेन के बहादुर लोगों का उनकी आजादी की लड़ाई में समर्थन कर रहे हैं।’’ अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूएनएचआरसी से रूस के निलंबन पर कहा कि एक गलत देश को सबक सिखाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘आज गलत को सबक सिखाया गया है। दुनिया स्पष्ट संकेत दे रही है कि रूस को यूक्रेन के खिलाफ अपना युद्ध तत्काल और बिना शर्त के रोकना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में दिए सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए।’’

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने रूस के निलंबन को महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, ‘‘दुनियाभर के देशों ने रूस को मानवाधिकारों के घोर और व्यवस्थित उल्लंघनों के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से निलंबित करने के पक्ष में मत दिया। हमने सामूहिक रूप से सख्त संदेश दिया है कि पीड़ितों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

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