By अंकित सिंह | Aug 10, 2026
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उन 325 लोगों के लिए 10,000 रुपये की मासिक पेंशन की घोषणा की, जिन्हें इमरजेंसी के दौरान विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि बहादुर सैनिकों को बहुत तकलीफ़ें झेलनी पड़ी थीं। नई राज्य सरकार इन्हीं बहादुर सैनिकों के आदर्शों पर बनी है। अधिकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने ऐसे 325 लोगों की पहचान की है जिन्हें इमरजेंसी के दौरान विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के कारण जेल में डाला गया था। उन्हें 'पश्चिम बंगाल लोकतंत्र सेनानी सम्मान' के तहत पेंशन मिलेगी।
इससे पहले रविवार को अधिकारी ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ पर उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में अपनी जान कुर्बान कर दी थी। महात्मा गांधी के "करो या मरो" के नारे को याद करते हुए अधिकारी ने कहा कि आज़ाद भारत के सपने के साथ हज़ारों भारतीयों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त के इस अहम दिन पर, मैं उन सभी बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति अपना गहरा आभार और सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उनकी बेमिसाल बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान ही उस आज़ाद भारत की नींव है, जिसे हम आज संजोते हैं।
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