By एकता | Jan 11, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ईडी की छापेमारी में राज्य सरकार की कथित दखलअंदाजी के विरोध में भाजपा ने एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर तीखे हमले किए और इस विरोध प्रदर्शन को 'जनता की आवाज' करार दिया।
सुवेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री और राज्य के बड़े पुलिस अधिकारियों को निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता चाहती है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा को जेल भेजा जाए।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में बाधा डालकर कानून तोड़ा है और संविधान का अपमान किया है। प्रदर्शन के दौरान 'ममता हटाओ-बंगाल बचाओ' और 'भाजपा लाओ-बंगाल बचाओ' जैसे नारे गूंजते रहे।
हाल ही में हुए हमलों का जिक्र करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी की पुलिस और उनके 'गुंडे' उनकी जान लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई लेकिन साथ ही अपना संकल्प भी दोहराया।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'मैं सही रास्ते पर हूं, इसलिए मुझ पर हमले हो रहे हैं। हमने पहले अंग्रेजों को भगाया, फिर माकपा (वामपंथियों) को हटाया और अब हम ममता बनर्जी को भी सत्ता से बाहर करके दम लेंगे।'
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य में विभिन्न घोटालों की जांच कर रही ईडी की टीम को कथित तौर पर स्थानीय स्तर पर बाधाओं का सामना करना पड़ा। भाजपा का आरोप है कि राज्य प्रशासन और पुलिस जानबूझकर जांच को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि टीएमसी इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है।