नहीं रहीं स्वर कोकिला लता मंगेशकर, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली आखिरी सांस

By अंकित सिंह | Feb 06, 2022

महान गायिका लता मंगेशकर का निधन हो गया है। वह काफी दिनों से बीमार चल रही थीं। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस लीं। शनिवार को लता मंगेशकर का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें दोबारा वेंटिलेटर पर रखा गया था और वह लगातार चिकित्सकों की निगरानी में थीं। लता मंगेशकर की याद में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोक मनाया जाएगा। सम्मान के रूप में दो दिनों तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। लता मंगेशकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना दुख जताया है। मोदी ने कहा कि मैं शब्दों से परे पीड़ा में हूँ। दयालु और देखभाल करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गई हैं। वे हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई है, जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिखा कि लता जी का निधन मेरे लिए हृदयविदारक है, जैसा कि दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए है। उनके गीतों की विशाल श्रृंखला में, भारत के सार और सुंदरता को प्रस्तुत करते हुए, पीढ़ियों ने अपनी आंतरिक भावनाओं की अभिव्यक्ति पाई। उनकी उपलब्धियां अतुलनीय रहेंगी।  

 

लता मंगेशकर की याद में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोक मनाया जाएगा। सम्मान के रूप में दो दिनों तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि आज सुबह 8:12 मिनट पर लता दीदी(लता मंगेशकर) का निधन हो गया है। उनके शरीर के कई अंग खराब हो गए थे। उनका इलाज काफी दिनों से अस्पताल में चल रहा था।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि सुर व संगीत की पूरक लता दीदी ने अपने सुर से न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में हर पीढ़ी के जीवन को भारतीय संगीत की मिठास से सराबोर किया। संगीत जगत में उनके योगदान को शब्दों में पिरोना संभव नहीं है। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। 

 भारतीय सिनेमा की बेहतरीन गायिकाओं में शुमार लता ने 13 साल की उम्र में 1942 में अपने करियर की शुरूआत की थी। उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में अब तक 30 हजार से अधिक गाने गाये हैं। सात दशक के अपने करियर में उन्होंने कई ऐसे गाने गाये हैं, जो आज भी लोगों के जेहन में हैं। इनमें ‘‘अजीब दास्तां है ये’ ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘नीला आसमां सो गया’ शामिल है। लता को भारत की ‘सुर साम्राज्ञी’ के नाम से जाना जाता है और उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा जा चुका है। इसके अलावा लता को पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। 

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