By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 27, 2026
दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी बढ़ रहे हैं। असल में स्वाइन फ्लू कंफर्म्ड केसेज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बारिश और उमस के बीच सर्दी-जुकाम और खांसी कई लोगों को परेशान करते हैं और अक्सर इसे हम नजरअंदाज कर देते हैं या फिर इसके लिए घरेलू नुस्खे ट्राई कर सकते हैं।
स्वाइन फ्लू के बारे में डॉक्टर की सलाह
दरअसल, स्वाइन फ्लू का अर्थ इन्फ्लूएंजा A (H1N1) नाम की बीमारी है। इन्फ्लूएंजा ए वायरस H1N1 (A/H1N1) इन्फ्लूएंजा ए वायरस (IAV) का एक सबटाइप है। वैसे इस तरह के वायरस सीधे आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम को अपनी चपेट में ले लेता है। वहीं, सांस से जुड़ी बीमारी का कारण बन जाता है। खासतौर पर इस बीमारी का शुरुआती लक्षणों को पहचानना काफी मुश्किल होता है। अगर आप शुरुआती लक्षणों को इंग्नोर कर देते हैं, तो यह काफी भारी पड़ सकता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
असल में स्वाइन फ्लू के लक्षण अचानक नजर आते हैं। कई बार ये मौसमी जुकाम-बुखार जैसे नजर आते हैं। इसलिए आपको 1-2 लक्षण नजर आए तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं।
-बुखार
-खांसी
-गले में खराश
-नाक बंद होना
-सिरदर्द
-मांसपेशियों में दर्द
-कंपकंपी
-थकान
- कई लोगों को उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है। इन्फ्लूएंजा के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत या अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए क्या करें?
- साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
- अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- अपने आस-पास हवा के अच्छे आवागमन (वेंटिलेशन) का ध्यान रखें।
- यदि आपको फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो घर पर ही रहें और दूसरों के संपर्क में आने से बचें।
- ध्यान रहे कि खांसते या छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और दूसरों के आस-पास अच्छी तरह फिट होने वाला फेस मास्क पहनें।
- यदि आप हर साल इन्फ्लूएंजा का टीका लगवाने से फ्लू और गंभीर जटिलताओं से बचाव में मदद मिल सकती है।
स्वाइन फ्लू का किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
इस वायरस से हर कोई व्यक्ति चपेट में आ जाता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं को इसका ज्यादा ख्याल रखना है। इम्यूनिटी कमजोर है या आपको पहले से कोई बीमारी है, तो अपना खास ख्याल रख पाएगी।