By अभिनय आकाश | Sep 11, 2025
भारत ने मानवाधिकार परिषद के 60वें सत्र की 5वीं बैठक में अल्पसंख्यकों पर स्विट्जरलैंड की टिप्पणी की निंदा की और उनसे भारत को उपदेश देने के बजाय नस्लवाद, व्यवस्थित भेदभाव और विदेशी द्वेष जैसे अपने मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने स्विट्जरलैंड की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन्हें आश्चर्यजनक, सतही और गलत जानकारी पर आधारित बताया। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे विविध और जीवंत लोकतंत्र बताया, जिसमें बहुलवाद की मजबूत परंपरा है। उन्होंने इन मामलों में स्विट्जरलैंड को सहायता की पेशकश की।
यह बयान स्विट्जरलैंड द्वारा भारत से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व मीडिया की स्वतंत्रता को बनाए रखने का आग्रह करने के बाद आया है। कल, स्विट्जरलैंड ने संयुक्त राष्ट्र में कहा, "भारत में, हम सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व मीडिया की स्वतंत्रता के अधिकारों को बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आह्वान करते हैं।