By रितिका कमठान | Apr 10, 2025
मुंबई के 26/11 आतंकी हमले के 17 वर्षों के बाद अंत में वो समय आ चुका है जब इन हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा रहा है। भारत में उसे एनआईए के हेडक्वार्टर में लाया जाएगा।
मेडिकल जांच के बाद उसे सीधे तौर पर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी तहव्वुर राणा की कस्टडी की मांग की जा सकती है। वहीं भारत में लैंड होने पर उसे आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें कि मुंबई हमलों में 175 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 300 से अधिक लोग घायल हुए है। वहीं इस कदम को भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया जा रहा है।
बता दें कि तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। मुंबई हमले का मास्टरमाइंड 64 वर्षीय तहव्वुर राणा मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी रहा है। तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पण कर भारत लाने के बाद सबसे पहले एनआईए उसे गिरफ्तार करेगी। बाद में उसे एनआईए हेडक्वार्टर ले जाया जाएगा। यहां राणा का मेडिकल टेस्ट होगा। बाद में उसे कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड की मांग होगी।
बता दें कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। भारी और सख्त सुरक्षा के बीच तहव्वुर राणा को एनआईए हेडक्वार्टर लाया जाएगा। यहां कई लेयर में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के कमांडों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। कई गाड़ियों को लगाया गया है जो राणा के काफिले को एस्कॉर्ट करेंगी। बता दें कि राणा को बुलेटप्रूफ गाड़ी में एयरपोर्ट से एनआईए हेडक्वार्टर लाया जाएगा।
मेट्रो स्टेशन के गेट हुए बंद
नई दिल्ली में स्थित जवाहर लाल नेहरू मेट्रो स्टेशन के गेट को बंद किया गया है। मेट्रो स्टेशन का गेट नंबर-2 बंद किया गया है। इस गेट से लोगों के एंट्री-एग्जिट करने पर रोक लगाई गई है। यहां दिल्ली पुलिस की भी भारी तैनाती की गई है। दरअसल जवाहर लाल नेहरू मेट्रो स्टेशन ही एनआईए हेडक्वार्टर के सबसे नजदीक है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से ये कदम उठाया गया है।