By एकता | Jun 21, 2026
ताइवान और चीन के बीच टेंशन एक बार फिर बढ़ गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रविवार सुबह 6 बजे तक ताइवान के समुद्री इलाके के आसपास चीन के 2 मिलिट्री एयरक्राफ्ट, 8 नौसैनिक जहाज और 4 सरकारी जहाज ऑपरेट करते हुए पाए गए हैं। ताइवान की सेना इस पूरी सिचुएशन पर पैनी नजर रखे हुए है और ड्रैगन को करारा जवाब देने के लिए अलर्ट मोड पर है।
चीन की इस बढ़ती मिलिट्री एक्टिविटी और धमकियों के बीच ताइवान ने भी अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। फोकस ताइवान की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान की पहली डोमेस्टिकली बिल्ट सबमरीन अपने नए सी-ट्रायल के लिए काऊशुंग पोर्ट से रवाना हो चुकी है। इस ट्रायल में गहरे पानी में गोता लगाने का टेस्ट भी शामिल है। मिलिट्री न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस पनडुब्बी का यह कुल 15वां सी-ट्रायल है और पानी के नीचे चलने वाला 9वां टेस्ट है, जो दिखाता है कि ताइवान डिफेंस के मामले में आत्मनिर्भर हो रहा है।
चीन और ताइवान का यह विवाद ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तौर पर बेहद पेचीदा है। बीजिंग का दावा है कि ताइवान उसका ही एक अटूट हिस्सा है और उसने इस बात को अपनी नेशनल पॉलिसी और इंटरनेशनल स्टेटमेंट्स में भी शामिल कर रखा है। चीन का यह दावा 1683 के किंग राजवंश के समय से जुड़ा है, जब चीन ने इस आइलैंड पर कब्जा किया था। दूसरी तरफ, ताइवान खुद को एक इंडिपेंडेंट देश मानता है, जिसकी अपनी सरकार, अपनी सेना और अपनी खुद की मजबूत इकोनॉमी है। ताइवान का यह स्टेटस पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी डिबेट का मुद्दा बना हुआ है।