By अनन्या मिश्रा | Sep 04, 2025
हिंदू पंचांग के मुताबिक 4 सितंबर 2025 की सुबह 04:21 मिनट पर द्वादशी तिथि की शुरूआत हुई है। वहीं अगले दिन यानी की 05 सितंबर 2025 की सुबह 04:08 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में वामन जयंती 04 सितंबर को मनाई जा रही है।
यह पर्व भगवान श्रीहरि विष्णु के वामन अवतार की महिमा को दर्शाता है। जिसमें भगवान वामन ने राजा बलि के अंहकार को समाप्त कर तीनों लोकों को वापस देवताओं को दिलाया था। यह पर्व हमें सिखाता है कि अंहकार का अंत निश्चित है और भगवान वामन ने अपनी लीला से राजा बलि को यह ज्ञान दिया कि किसी भी शक्ति या संपत्ति पर घमंड नहीं करना चाहिए। वामन जयंती का पर्व दान के महत्व को दर्शाती है। इस दिन दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।