By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 07, 2021
काबुल।अफगानिस्तान पर शासन कर रहे तालिबान ने नशे की लत को खत्म करने के लिए कार्रवाई करनी शुरू कर दी है भले ही इसके लिए बल का इस्तेमाल क्यों न करना पड़े। तालिबान के लड़ाकों से पुलिस कर्मचारी बने कर्मियों ने राजधानी काबुल के एक इलाकों से मादक पदार्थ हेरोइन और मेथामफेटामाइन्स के नशे के आदि सैकड़ों बेघर व्यक्तियों को हिरासत में लिया और उन्हें पीटा। उन्हें जबरन उपचार केंद्र ले जाया गया। पिछले हफ्ते इस तरह की एक छापेमारी तक एसोसिएटिड प्रेस की पहुंच हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार थे, उन्हें दीवार के सहारे बैठाया गया और उनके हाथ बांध दिए गए। उनसे नशा छोड़ने को कहा गया कि ऐसा नहीं करने पर उनकी पिटाई की जाएगी। कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने इन सख्त तरीकों का स्वागत किया है।
तालिबान के लड़ाके कारी फिदायी ने कहा,” वे हमारे देशवासी हैं। वे हमारा परिवार हैं और उनमें अंदर से अच्छा इंसान है। अल्लाह ने चाहा तो अस्पताल में मौजूद लोग उनका इलाज कर देंगे।” एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि वह शायर है और अगर उसे जाने दिया जाता है तो वह फिर कभी नशा नहीं करेगा। लड़ाकों ने कम से कम 150 लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें जिला पुलिस थाने ले जाया गया जहां उनके मादक पदार्थ, बटुआ, चाकू आदि सभी सामान जला दिए गए। उन्हें अबीसीना मेडिकल हॉस्पिटल फॉर ड्रग ट्रीटमेंट ले जाया गया जहां डॉ वहीदुल्ला कोशान ने बताया कि उनका इलाज 45 दिन तक चलेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि उनके पास हेरोइन के नशे से मुक्ति दिलाने के लिए काम आने वाली दवाइयों की कमी है। गश्ती दल के अधिकारी कारी गफूर ने कहा, “ यह सिर्फ एक शुरुआत है और बाद में हम किसानों के पास जाएंगे और उन्हें शरिया के मुताबिक सज़ा देंगे।