By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 25, 2021
नयी दिल्ली।अफगान सिख सांसद नरेंद्र सिंह खालसा ने पूछा कि तालिबान ने कहा है कि वे अफगनिस्तान में गुरुद्वारों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे लेकिन जब इस युद्धग्रस्त देश से इस समुदाय के सभी लोग बाहर चले जाएंगे तो उनकी देखभाल कौन करेगा और सिख धार्मिक स्थलों और उनकी संपत्ति का क्या होगा? भारतीय वायु सेना के एक सैन्य विमान से रविवार को काबुल से यहां पहुंचे अफगान सांसद ने कहा कि अफगानिस्तान में सिख समुदाय के लिए यह सबसे ‘बुरा समय’ है। उन्होंने कहा, ‘‘ अफगानिस्तान में कभी 10 लाख सिख थे। अब केवल सैंकड़ों की संख्या में ही रह गए हैं और वे भी अब देश छोड़ रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ कोई नहीं जानता कि आगे क्या होगा। कोई अनुमान नहीं लगा सकता। हम हमारे सम्मान की रक्षा करने भारत आए हैं। हम भारत को अपना घर बनाने की कोशिश करेंगे। हम वापस लौट पाएंगे या नहीं, कुछ …कहा नहीं जा सकता।’’ सोमवार को भारतीय वायु सेना के विमान से 44 अफगान सिखों सहित 78 लोगों को काबुल से दुशांबे ले जाया गया था। इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने बताया कि ये लोग एयर इंडिया की उड़ान से सुबह करीब 9.50 बजे (मंगलवार को) दिल्ली पहुंचे। यह फोरम विदेश मंत्रालय और भारतीय वायुसेना के साथ निकासी प्रयासों में समन्वय कर रहा है। चंडोक ने कहा कि लगभग 200 अफगान सिख और हिंदू अभी भी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। इन लोगों ने काबुल के करते परवान गुरुद्वारे में शरण ली हुई है, जो हवाई अड्डे के करीब है।