By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 12, 2023
संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि तालिबान और अलकायदा से संबद्ध तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे संगठन उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की क्षमता वाले हथियारों को आईएसआईएल-के को हस्तांतरित कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद से संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश सैन्य उपकरणों के अफगानिस्तान और आसपास के देशों में प्रसार को लेकर चिंता जता रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा पर आईएसआईएल (दाएश) के खतरे को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की 17वीं रिपोर्ट में कहा गया कि विश्व निकाय के सदस्य अफगानिस्तान, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में हथियारों के प्रसार को लेकर चिंतित हैं, खासतौर पर दाएश और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों तक छोटे और हल्के हथियारों की पहुंच को लेकर।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘खबर है कि दाएश ने अपने कथित सांगठनिक ढांचे में उद्योग समिति बनाई है जो हथियारों के आधुनिकीकरण की संभावनाओं का पता लगा रही है जिनमें आईईडी और ड्रोन के हथियार क्षमता बढ़ाने जैसे पहलू शामिल हैं।’’ रिपोर्ट के मुताबिक सदस्य देशों का आकलन है कि इस्लामिक स्टेट इन इराक ऐंड द लेवेंट - खोरसान (आईएसआईएल-के) अफगानिस्तान और पूरे क्षेत्र के लिए सबसे गंभीर खतरा है। सूचना के मुताबिक इस समूह ने अफगानिस्तान में अपनी मारक क्षमता बढ़ा ली है और एक अनुमान के मुताबिक इस आतंकवादी संगठन में 4000 से 6000 लड़ाके हैं। कुछ सदस्य देश सनाउल्लाह घफारी (उर्फ शहाब अल मुहाजिर) को आईएसआईएल-केका सबसे अधिक महत्वकांक्षी नेता मानते हैं। वहीं, एक सदस्य देश ने कहा है कि घफारी जून में अफगानिस्तान में मारा जा चुका है।