By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 07, 2026
कोयंबटूर, सात अक्टूबर तमिलनाडु की नीति को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कोयंबटूर और करूर के सरकारी अस्पतालों ने हिंदी समेत तीन भाषाओं में छपे दवाओं के कवर का वितरण रोक दिया है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली दवा की पैकेजिंग पर खुराक संबंधी निर्देश तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में छपे होने के बाद नेताओं ने इसकी तीखी आलोचना की। विवाद उस समय और बढ़ गया जब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता टी. आर. बी. राजा ने करूर के अस्पताल में वितरित दवाओं के कवर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चिंतामणि सहकारी समिति के माध्यम से प्रायोजित ये कवर पिछले 18 महीनों से लगातार इस्तेमाल किए जा रहे हैं और इनमें से कुछ का इस्तेमाल पिछली सरकार के कार्यकाल में भी हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि तीन भाषाओं में छपे कवर के वितरण की जानकारी सामने आने के बाद इनके आगे के वितरण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। तमिलनाडु शिक्षा और सरकारी प्रशासन में केवल तमिल और अंग्रेजी के इस्तेमाल वाली अपनी दो-नीति का सख्ती से पालन करता है।
राज्य सरकार केंद्र की तीन-नीति का लगातार विरोध करती रही है।