By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने जेम ग्रेनाइट्स के अध्यक्ष आर. वीरामणि से जुड़े पॉक्सो मामले को लेकर पूर्व मंत्री एस. रेगुपति की टिप्पणियों की बुधवार को आलोचना की। राजमोहन ने सवाल किया कि क्या पुलिस को उचित जांच के लिए एचडी गुणवत्ता वाले वीडियो की जरूरत होती है। स्कूली शिक्षा मंत्री राजमोहन ने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि क्या पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के मंत्री यह उम्मीद कर रहे थे कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को कार्रवाई के लिए उच्च गुणवत्ता वाली फुटेज चाहिए।
राजमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि रेगुपति की टिप्पणियां बाल यौन शोषण पीड़ितों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती हैं। उन्होंने विपक्ष से यह बताने को कहा कि उसके कार्यकाल में इस संवेदनशील मामले की जांच कथित रूप से एक साल से अधिक समय तक क्यों लंबित रही। उन्होंने जांच को कमजोर करने या उसका रुख बदलने का प्रयास करने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
मंत्री ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की सख्त प्रकृति का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के तहत पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखना अनिवार्य है। उन्होंने पीड़ितों और गवाहों से बिना किसी डर के आगे आने की अपील की और भरोसा दिलाया कि उनकी निजता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीवीके सरकार कानूनी कार्रवाई के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है।
जांच में देरी के आरोपों को खारिज करते हुए राजमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सीधी निगरानी में जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव या पद की परवाह किए बिना किसी भी व्यक्ति को न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। राजमोहन ने कहा, ‘‘जेम वीरामणि पॉक्सो मामले में द्रमुक से मेरे कुछ सवाल हैं।