Tamil Nadu Election Issues: Tamil Nadu में फिर 'भाषा युद्ध', NEP को लेकर CM Stalin और Dharmendra Pradhan में बढ़ा टकराव

By अनन्या मिश्रा | Apr 22, 2026

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर हिंदी को लेकर मुद्दा शुरू हो गया है। वहीं अब इस मामले पर सीएम एमके स्टालिन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच बहस भी हो गई। सीएम ने नई शिक्षा नीति पर केंद्र सरकार को घेरते हुए यह कहा था कि यह शिक्षा सुधार नहीं बल्कि हिंदी को पूरे देश में चालाक तरीके से फैलाने की कोशिश है। वहीं इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने 'हिंदी थोपने' वाली बात को पुरानी और थकी हुई राजनीति बताया है। उन्होंने कहा कि NEP में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है। इसलिए सीएम की व्याख्या गलत है।

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तमिलनाडु के सीएम और डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने कहा कि यह शिक्षा में सुधार नहीं बल्कि यह पूरे देश में चालाक तरीके से हिंदी को फैलाने की कोशिश है। स्टालिन ने सवाल किया कि यह नियम एक तरफा क्यों है। दक्षिण के बच्चों को हिंदी सीखने है, लेकिन हिंदी वाले राज्यों में तेलुगु या तमिल पढ़ाई जाती है? जिसका जवाब है नहीं। स्टालिन ने आगे कहा कि केंद्रीय स्कूलों में तमिल पढ़ाने के लिए पर्याप्त टीचर नहीं है। फिर भारतीय भाषाएं सीखने का उपदेश दूसरों को देना ठीक नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि बिना तैयार टीचरों और पैसे के यह नीति जबरदस्ती थोपी जा रही है।

तमिलनाडु सीएम की तरफ से लगाए गए इन आरोपों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब देते हुए कहा कि 'हिंदी थोपने' वाली बात को पुरानी और थकी हुई राजनीति है। क्योंकि नई शिक्षा नीति में इसको अनिवार्य नहीं किया गया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नई शिक्षा नीति हर बच्चे को उसकी अपनी मातृभाषा में पढ़ने का मौका देती है। शिक्षामंत्री ने कहा कि DMK सरकार खुद बच्चों के विकास में असली रुकावट है।

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