By अभिनय आकाश | Dec 01, 2025
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तमिलनाडु में विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए हैं और इनका उद्देश्य निहित राजनीतिक हितों के लिए मीडिया में एक कहानी गढ़ना है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के संगठन सचिव आरएस भारती द्वारा दायर याचिकाओं सहित अन्य याचिकाओं का जवाब देते हुए अपने हलफनामे में आयोग ने कहा कि दावे गलत और त्रुटिपूर्ण हैं, और कहा कि एसआईआर प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई है। आयोग ने सवाल उठाया कि डीएमके के एक पदाधिकारी द्वारा याचिका क्यों दायर की गई, जबकि पार्टी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल थी। चुनाव आयोग ने अपनी फाइलिंग में पूछा, "जब डीएमके ने ब्लॉक लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर दिए हैं, तो डीएमके सचिव द्वारा याचिका क्यों दायर की गई है?
हलफनामे में कहा गया है कि इस स्थिति में बिहार राज्य से शुरू होकर पूरे देश में एक विशेष जांच रिपोर्ट (SIR) आयोजित करना ज़रूरी है। बिहार ने यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की। हलफनामे में आगे कहा गया है। मतदाता सूची से बाहर किए गए किसी भी व्यक्ति ने कोई अपील दायर नहीं की।