By अंकित सिंह | Apr 10, 2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु झुकेगा नहीं और राज्य के अधिकारों या संघवाद पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार गरिमा और आत्मसम्मान के लिए खड़ी है और किसी भी प्रकार के थोपे जाने के खिलाफ है, साथ ही जनहितैषी, कल्याणकारी और समावेशी शासन के साथ विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी ये टिप्पणियां तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले आई हैं, जिनके लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और मतगणना 4 मई को होगी।
स्टालिन ने दावा किया कि तमिलनाडु भर में सत्ता समर्थक भावना प्रबल है, और कहा कि लोग सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में पूरी तरह से जानकारी होने से पहले ही उनसे अवगत हैं और उनका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह डीएमके के शासन मॉडल में जनता के गहरे विश्वास और द्रविड़ राजनीति की निरंतरता को दर्शाता है। कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई, विदियाल पयानम, पुधुमाई पेन और नान मुधलवन जैसी प्रमुख कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण योजनाएं उनकी सरकार के एजेंडे का केंद्र बिंदु बनी हुई हैं। उन्होंने इन नीतियों को आजीविका और सामाजिक न्याय में सुधार लाने में परिवर्तनकारी बताया।
राजनीतिक स्थिति पर बात करते हुए स्टालिन ने चुनाव को टीम तमिलनाडु और टीम दिल्ली के बीच की लड़ाई के रूप में पेश किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गठबंधन के माध्यम से राज्य में प्रवेश करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने डीएमके की शासन संबंधी विफलताओं को कथित तौर पर गलत तरीके से पेश करने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की और तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन की गतिशीलता का बचाव किया।