By नीरज कुमार दुबे | Sep 24, 2024
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा है कि धर्मनिरपेक्षता एक यूरोपीय अवधारणा है, जोकि चर्च और राजा के बीच संघर्ष के बाद विकसित हुई। उन्होंने कहा है कि भारत एक धर्म-केंद्रित राष्ट्र है और इसलिए यह संविधान का हिस्सा नहीं था, बल्कि इसे आपातकाल के दौरान 'एक असुरक्षित प्रधानमंत्री' द्वारा जोड़ा गया था। हम आपको बता दें कि उन्होंने कन्याकुमारी जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के लोगों के साथ बहुत धोखाधड़ी की गई है और उनमें से एक धर्मनिरपेक्षता की गलत व्याख्या है। उन्होंने कहा, ‘‘धर्मनिरपेक्षता से क्या आशय है। धर्मनिरपेक्षता एक यूरोपीय अवधारणा है। धर्मनिरपेक्षता भारतीय अवधारणा नहीं है।’’