By नीरज कुमार दुबे | Sep 22, 2026
राजस्थान का जोधपुर अगले कुछ दिनों में दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य गतिविधियों में से एक का गवाह बनने जा रहा है। भारत की धरती पर अमेरिका का अत्याधुनिक एफ-35 ‘स्टील्थ’ लड़ाकू विमान, फ्रांस का राफेल, संयुक्त अरब अमीरात का एफ-16 और बांग्लादेश का सी-130जे जैसे सैन्य विमान एक साथ आसमान में उतरने जा रहे हैं। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना अपने राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर जैसे अग्रिम पंक्ति के विमानों के साथ अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी।
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भारतीय वायुसेना के अनुसार अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों की भागीदारी होगी। इस अभ्यास का मकसद केवल आसमान में विमानों की ताकत दिखाना नहीं, बल्कि अलग-अलग वायु सेनाओं के बीच तालमेल, संयुक्त अभियान क्षमता और आधुनिक युद्धक परिस्थितियों में संचालन की क्षमता को मजबूत करना है।
सबसे ज्यादा निगाहें अमेरिकी एफ-35 पर रहेंगी। पांचवीं पीढ़ी का यह स्टील्थ लड़ाकू विमान पहले ‘एयरो इंडिया-2025’ में भारत आ चुका है, लेकिन ‘तरंग शक्ति’ में इसकी भागीदारी इसे एक अलग स्तर का सैन्य महत्व देती है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में एफ-35 की पहली भागीदारी होगी।
इसके सामने फ्रांस का राफेल और संयुक्त अरब अमीरात का एफ-16 भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। वहीं भारत अपने स्वदेशी तेजस से लेकर सुखोई-30 एमकेआई और राफेल तक कई अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों को मैदान में उतारेगा। यानी जोधपुर का आसमान आने वाले दिनों में केवल विमानों की गर्जना नहीं सुनेगा, बल्कि आधुनिक हवाई युद्ध की बदलती तस्वीर का सीधा प्रदर्शन देखेगा।
खास बात यह भी है कि ‘तरंग शक्ति’ की शुरुआत भारत-जापान के ‘वीर गार्जियन-2026’ अभ्यास के तुरंत बाद हो रही है। यह अभ्यास 9 से 22 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल के साथ जापान के एफ-2ए लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। इससे जोधपुर लगातार अंतरराष्ट्रीय हवाई सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
हम आपको याद दिला दें कि ‘तरंग शक्ति’ का पहला संस्करण 2024 में तमिलनाडु के सुलूर और जोधपुर में दो चरणों में आयोजित हुआ था। इस बार इसका पैमाना और भी बड़ा दिखाई दे रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों में 40 से अधिक देशों की भागीदारी की बात सामने आई है, जबकि विभिन्न देशों के लड़ाकू और परिवहन विमान इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहे हैं। स्पष्ट है कि 26 सितंबर से जोधपुर में सिर्फ युद्धाभ्यास नहीं होगा, बल्कि दुनिया की कई प्रमुख वायु सेनाओं की ताकत, तकनीक और सामरिक तालमेल का बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। और इस बार भारतीय आसमान में सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिकी एफ-35 की होगी।