By अभिनय आकाश | Dec 26, 2025
भारत और बांग्लादेश मुल्क भले ही दो हो। लेकिन कट्टरपंथी चाहे वो भारत के हो या फिर बांग्लादेश के दोनों ही सोच एक जैसी ही है। मजहब के हिसाब से दर्द का रिश्ता बनाना कट्टरपंथियों की पुरानी फितरत है। लेकिन जो बांग्लादेश हिंदुओं के नरसंहार की नई प्रयोगशाला बना है। वहां की राजनीति में 17 साल बाद पुराने एक चेहरे की वापसी हुई। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान बांग्लादेश लौट आए हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद स्वदेश लौटे। ढाका में तारिक के स्वागत में एक लाख से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ता उमड़े।
बांग्लादेश की अतरिम सरकार ने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में तारिक रहमान पीएम पद के प्रमुख दावेदार है। उनकी वापसी ऐसे समय में हुई है जब दो प्रमुख युवा नेताओं की हत्या के बाद से देश में अशांति और राजनीतिक अस्थिरता की नई लहर जारी है, जिसने पूरे बाग्लादेश को चपेट में ले लिया है।