Tata Motors का बड़ा एक्शन: EV Booking में ढाई गुना उछाल, अब 50% बढ़ेगा उत्पादन

By Ankit Jaiswal | May 28, 2026

देश में बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की महंगाई का असर अब सीधे वाहन बाजार पर दिखाई देने लगा है। खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में अचानक तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इसी बीच टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन क्षमता बढ़ाने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है।

बता दें कि फिलहाल टाटा मोटर्स हर महीने करीब 9 हजार से 10 हजार इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन कर रही है, लेकिन मांग इससे काफी ज्यादा हो चुकी है। शैलेश चंद्र के अनुसार मौजूदा मांग उत्पादन क्षमता से लगभग ढाई गुना अधिक पहुंच गई है। ऐसे में कंपनी तेजी से उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि कंपनी के अपने कारखानों में उत्पादन क्षमता की बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन कई पुर्जे उपलब्ध कराने वाली कंपनियों की ओर से दबाव बढ़ रहा है। कुछ आपूर्तिकर्ताओं को नई मशीनें और उपकरण लगाने पड़ सकते हैं ताकि बढ़ती मांग के अनुसार आपूर्ति की जा सके।

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर भारत में ईंधन कीमतों पर भी पड़ा है। 15 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर लगभग साढ़े सात रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे छोटे वाहन खरीदने वाले ग्राहक अब कम खर्च वाले विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

शैलेश चंद्र ने कहा कि छोटे वाहन खरीदने वाले ग्राहक ईंधन कीमतों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। यही वजह है कि लोग अब अपने घर में कम से कम एक इलेक्ट्रिक वाहन रखना चाहते हैं ताकि भविष्य में ईंधन महंगा होने की स्थिति में खर्च कम किया जा सके।

कंपनी के अनुसार सबसे ज्यादा मांग 15 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में देखने को मिल रही है। टाटा मोटर्स की पंच ईवी की मांग में फरवरी 2026 के बाद लगभग पांच गुना तक उछाल आया है। कंपनी को उम्मीद थी कि मांग तीन गुना तक बढ़ेगी, लेकिन वास्तविक मांग अनुमान से कहीं ज्यादा निकल रही है।

बता दें कि टाटा मोटर्स इस समय टियागो ईवी, टिगोर ईवी, पंच ईवी, नेक्सन ईवी, कर्व ईवी और हैरियर ईवी जैसे मॉडल बेच रही है। वहीं कंपनी इस साल के अंत तक सिएरा ईवी भी बाजार में उतारने की तैयारी में है।

मौजूद जानकारी के अनुसार टियागो ईवी और टिगोर ईवी का उत्पादन गुजरात के साणंद संयंत्र में किया जाता है, जबकि पंच ईवी, कर्व ईवी और हैरियर ईवी का निर्माण पुणे संयंत्र में हो रहा है। नेक्सन ईवी दोनों जगह बनाई जा रही है।

गौरतलब है कि टाटा मोटर्स भारत में अब तक 3 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बेच चुकी है। अकेले टियागो ईवी की बिक्री 2022 से अब तक करीब 75 हजार यूनिट पहुंच चुकी है।

इसी बीच कंपनी ने बुधवार को नई टियागो पेट्रोल को शुरुआती 4.69 लाख रुपये एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया है। वहीं टियागो सीएनजी की शुरुआती कीमत 5.79 लाख रुपये और नई टियागो ईवी की शुरुआती कीमत 6.99 लाख रुपये रखी गई है। कंपनी बैटरी-एज़-ए-सर्विस सुविधा भी दे रही है, जिसमें ग्राहक कम शुरुआती कीमत पर वाहन खरीद सकते हैं और बैटरी उपयोग के हिसाब से अलग शुल्क देना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही तो आने वाले महीनों में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और तेजी से बढ़ सकती है तथा वाहन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी और तेज होने की संभावना हैं।

प्रमुख खबरें

Delhi Government ने 25 IPS और DANIPS अफसरों के किए तबादले, नई जिम्मेदारियां सौंपीं

Ashwini Vaishnaw ने तय किया लक्ष्य, 23 अक्टूबर 2028 तक भारत में बनेंगे अपने Brand के फोन

World Wrestling Championship: अमन सहरावत और अंतिम पंघाल हटे, सुजीत कलकल करेंगे अगुआई

Tibet Earthquake में 16 की मौत, बचाव कार्य में China ने उतारे Satellites और Drones