By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 19, 2026
(तस्वीरों के साथ) चेन्नई, 19 सितंबर टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शनिवार को स्नातकों से कहा कि वे असफलताओं से हतोत्साहित न हों, बल्कि उन्हें अपने प्रयासों को और तेज करने के अवसर के रूप में देखें। उन्होंने पेशेवर जीवन में कदम रखने वाले युवाओं से बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। यहां साई यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि चंद्रशेखरन ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) और तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को नया आकार दे रहे हैं।
अपनी प्रगति और निरंतर सुधार के आधार पर खुद को आंकें तथा अपने लक्ष्यों की दिशा में लगातार आगे बढ़ें।’’ उनकी यह टिप्पणी टाटा संस के चेयरमैन के रूप में दोबारा नियुक्ति के फैसले के दो दिन बाद आई। टाटा संस के निदेशक मंडल ने 17 सितंबर को हुई बैठक में उन्हें पांच साल का एक और कार्यकाल देने का फैसला किया था। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने उनकी पुनर्नियुक्ति के खिलाफ मतदान किया था।
चंद्रशेखरन ने दीक्षांत समारोह में संबोधित करते हुए स्नातकों को औपचारिक शिक्षा को एक बार की उपलब्धि मानने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए जीवनभर नए कौशल सीखना जरूरी है। उन्होंने प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा, “अगर आप समय के साथ नहीं चल रहे हैं, तो आप अप्रासंगिक हो जाएंगे।” चंद्रशेखरन ने कहा, “दुनिया संभावनाओं से भरी हुई है और पांच साल बाद ऐसा औद्योगिक क्षेत्र होगा, जो आज मौजूद नहीं हैं।
हो सकता है कि आज हम उनके नाम या शब्दावली तक नहीं जानते हों।” उन्होंने आधुनिक करियर में एआई उपकरणों को अपनाने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण भी सामने रखा। चंद्रशेखरन ने भविष्य के कार्यबल से दबाव को सम्मान और अपने काम के जरिये सकारात्मक बदलाव लाने के एक अनूठे अवसर के रूप में देखने को कहा। उन्होंने स्नातकों से छोटी अवधि की उपलब्धियों और लंबे समय के करियर लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने को कहा।
चंद्रशेखरन ने कहा कि छोटी अवधि के लक्ष्य हासिल कर आगे बढ़ने की गति बनाए रखें, लेकिन साथ ही अपने दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ते रहें। चंद्रशेखरन ने आधुनिक करियर में एआई उपकरणों के इस्तेमाल का तरीका बताते हुए कहा कि पेशेवरों को प्रशासनिक काम, जटिल आंकड़ों के प्रसंस्करण और नियमित कार्यों के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे उन्हें रणनीतिक सोच और महत्वपूर्ण कामों पर ध्यान देने के लिए अधिक समय मिलेगा।