By अंकित सिंह | Oct 04, 2024
हिमाचल प्रदेश में लोगों से अब उनके घरों में शौचालय की सीटों की संख्या के आधार पर कर वसूलने की खबरों पर हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कहा कि राज्य में ऐसा कोई शौचालय कर नहीं है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हिमाचल सरकार शहरी इलाकों के निवासियों पर प्रति टॉयलेट सीट 25 रुपये टैक्स लगाएगी। इसके बाद इसपर बवाल मच गया। हाालंकि, सुक्खू द्वारा रिपोर्ट को आधारहीन करार दिया गया, जिसमें कहा गया कि 100 रुपये के जल शुल्क में से 'शौचालय कर' प्रति निवास 25 प्रतिशत होगा।
यह विवाद उन रिपोर्टों के बाद पैदा हुआ, जिनमें कहा गया था कि हिमाचल सरकार शहरी घरों में शौचालयों पर 25 रुपये का कर लगाने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया हुई है, केंद्रीय मंत्रियों ने बुनियादी सुविधाओं पर कर लगाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर अपना अविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि अविश्वसनीय, अगर सच है! जहां पीएम मोदी स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाते हैं, वहीं कांग्रेस शौचालयों के लिए लोगों पर टैक्स लगा रही है! शर्म की बात है कि उन्होंने अपने समय में अच्छी स्वच्छता उपलब्ध नहीं कराई, लेकिन यह कदम देश को शर्मसार करेगा।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस कदम को "विचित्र" बताया और व्यंग्यपूर्वक कहा, "एक बकवास सरकार यही करती है।" उन्होंने अपनी पार्टी से इस मुद्दे का और अधिक "राजनीतिकरण" करने से परहेज करने का भी आग्रह किया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि हिमाचल सरकार "लोगों पर लगातार नए कर और प्रतिबंध लगा रही है"।