By एकता | Oct 16, 2026
शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजा है।
शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी और महानवमी के दिन कन्या पूजन का खास महत्व है। इस बार अष्टमी का कन्या पूजन 18 अक्टूबर और नवमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर को किया जाएगा। वहीं, 20 अक्टूबर को सुबह 9:34 बजे तक भी नवमी का पूजन किया जा सकता है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि काशी पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 5:54 बजे से 19 अक्टूबर सुबह 6:53 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि 19 अक्टूबर सुबह 6:53 बजे से 20 अक्टूबर सुबह 9:34 बजे तक रहेगी।
20 अक्टूबर को सुबह 9:34 बजे नवमी तिथि खत्म होने के बाद दशमी शुरू होगी। इसी दिन व्रत का पारण, दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन और विजयदशमी का पर्व मनाया जाएगा।
दूसरी ओर, सरकार ने प्रदेश के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 6.93 लाख बच्चों की निशुल्क पढ़ाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 698 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें स्कूल की फीस की भरपाई के साथ किताबें और स्टेशनरी खरीदने के लिए आर्थिक मदद भी शामिल है। विभाग ने अगले शैक्षिक सत्र 2027-28 में अनुमानित प्रवेश के लिए भी 85 करोड़ रुपये का बजट दिया है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पात्र बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। शैक्षिक सत्र 2025-26 तक प्रवेश पाने वाले 5.36 लाख और मौजूदा सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले 1.57 लाख बच्चों के लिए बजट जारी किया गया है।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों को हर बच्चे के लिए 450 रुपये प्रति माह शुल्क की भरपाई दी जाती है। इसके अलावा किताबें और स्टेशनरी खरीदने के लिए हर बच्चे के अभिभावक के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे 5,000 रुपये भेजे जाते हैं।
विभाग के अनुसार, शुल्क की भरपाई के लिए 362 करोड़ रुपये और आर्थिक मदद के लिए 335 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस तरह कुल 698 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों यानी बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि निजी स्कूलों को फीस का भुगतान समय पर किया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई परेशानी न हो।
अगले शैक्षिक सत्र 2027-28 में करीब 1.70 लाख सीटों पर प्रवेश का अनुमान लगाया गया है। इसके लिए 85 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। विभाग ने नए शैक्षिक सत्र में बच्चों के प्रवेश की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।