PM मोदी का मेगा दौरा: Europe से टेक्नोलॉजी, UAE से एनर्जी, भारत के लिए डबल मिशन!

By अभिनय आकाश | May 11, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी हफ्ते स्वीडन, नॉर्वे, नीदरलैंड और इटली के दौरे पर जा सकते हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भारत की विदेश नीति की अहम जरूरत बन गया है। पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यूरोप यात्रा रद्द कर दी गई थी। अब नए कार्यक्रम में यूएई को भी शामिल किया गया है, जो भारतीय डायस्पोरा और ऊर्जा सुरक्षा दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीदरलैंड में मोदी अपने समकक्ष रॉब रॉब जेटन से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, ग्रीन इकॉनमी और हाई-टेक सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, ग्रीन एनर्जी, स्वास्थ्य और जल प्रबंधन के अलावा सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी नई साझेदारी पर फोकस रहेगा। नीदरलैंड भारत का 11वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान निवेश, सप्लाई चेन, नई तकनीकों में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी अहम समझौते हो सकते हैं। साथ ही, यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक और व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलने की भी उम्मीद है।

इसे भी पढ़ें: PM Modi का Route, जिलेटिन स्टिक और NIA की जांच, Bengaluru में क्या थी बड़ी Security Planning?

इससे पहले, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की और अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से मुलाकात की। यह सऊदी अरब की उनकी यात्रा के एक सप्ताह बाद हुआ था। डोभाल की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पहल थी, क्योंकि वे सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों, विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी सहयोग पर, संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। इस यात्रा ने मोदी की यात्रा की नींव भी रखी। ऊर्जा से समृद्ध संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ व्यापार पिछले दो महीनों में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के कारण बाधित हुआ है - केवल 11 भारतीय जहाज ही जलडमरूमध्य से गुजर पाए हैं। मोदी ने पिछले दो महीनों में यूएई, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी राजतंत्रों के नेताओं से बात की है, और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इन देशों के अपने समकक्षों के संपर्क में रहे हैं। अप्रैल में जयशंकर ने यूएई के राष्ट्रपति से भी मुलाकात की। भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी की मजबूती पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जटिल क्षेत्रीय माहौल के बावजूद दोनों देशों के बीच चल रहा संवाद मजबूत और पारदर्शी बना हुआ है। यूएई लगभग 47 लाख भारतीयों का घर है, और UAE में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय द्वारा भेजी जाने वाली वार्षिक धनराशि दुनिया में सबसे अधिक है। भारतीय प्रवासी समुदाय UAE का सबसे बड़ा जातीय समुदाय है, जो देश की आबादी का लगभग 35 प्रतिशत है।

प्रमुख खबरें

F&O Trading में घाटे का डर: SEBI के कड़े नियमों के बाद भी निवेशकों को औसतन ₹1.16 Lakh का भारी Loss

Data Privacy के साथ Meta का नया धमाका, Muse Glimmer AI Model अब सीधे आपके PC पर होगा डाउनलोड और कंट्रोल

ट्रंप मीडिया को $238 Million का भारी घाटा, Bitcoin और Crypto बाजार में गिरावट ने बढ़ाई Donald Trump की टेंशन

Banking Sector में UPI जैसा बदलाव लाएगा AI, कर्ज देने के पुराने तरीके बदलेंगे RBI Governor Sanjay Malhotra