Nandigram History II | नंदीग्राम का महाभारत काल वाला कनेक्शन क्या है | Teh Tak

By अभिनय आकाश | May 20, 2023

कोलकाता से दक्षिण पश्चिम दिशा में 70 किलोमीटर दूर औद्योगिक शहर हल्दिया के सामने और हल्दी नदी के दक्षिण किनारे पर स्थित नंदीग्राम क्षेत्र हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत आता है। नंदीग्राम का इतिहास अपने आप में बेहद ही दिलचस्प रहा है। महाभारत से लेकर मौर्यकाल तक में इस क्षेत्र का जिक्र मिलता है। नंदीग्राम में स्थित रेयापाड़ा के सिद्धेश्वर शिव मंदिर का इतिहास एक हजार साल पुराना बताया जाता है। 

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सम्राट अशोक के दौर में ताम्रलिप्ति का बौद्ध धर्म संबंधी से कैसे बढ़ा जुड़ाव

मौर्यकाल में ताम्रलिप्ति की प्राकृतिक स्थिति जलीय मार्ग के अनुकूल रही औऱ दक्षिण पूर्वी भारत को ही नहीं समुद्रपार के देशों को भी मध्य एशिया के नगरों से कनेक्ट करने वाली थाी। इतिहासकारों का मानना है कि चौथी सदी से 12वीं सदी तक इसके किनारे अनेक देशों के जहाज आकर लगते थे। यही से नील, शहतूत और पशम का निर्यार बाहरी देशों को किया जाता था। अशोक के दौर में ताम्रलिप्ति का बौद्ध धर्म संबंधी से जुड़ाव भी बढ़ा। सिंहल के बौद्ध ग्रंथों महावंश और दीपवंश में उसे तामलप्ति, ताम्रलिप्ति कहा गया है। 

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