Nandigram History V | लेफ्ट ने गंवाई कुर्सी और कैसे सत्ता के शिखर पर पहुंची ममता |

By अभिनय आकाश | May 20, 2023

सत्तारूढ़ पार्टी के वरिष्ट नेताओं ने सभी विपक्षियों की उपेक्षा करते हुए इस आंदोलन को औद्योगीकरण के खिलाफ करार घोषित किया और हालात तब और बिगड़े जब समीप के हल्दिया के तात्कालीन एमपी लक्ष्मण सेठ के नेतृत्व में हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ने भूमि अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी कर दिया। इसके परिणाम स्वरूप सीपीआईएम और बीयूपीसी दोनों के समर्थकों के बीच हिंसात्मक संघर्ष की घटना घटी। सत्तारूढ़ पार्टी ने अपना पिछला प्रभुत्व जमाने की कोशिश की तो उसने नाकेबंदी को हटाने और परिस्थिति को सामान्य बनाने के बहाने अपने प्रशासन को कार्यप्रवृत्त किया।

लेफ्ट ने गंवाई कुर्सी और सत्ता के शिखर पर पहुंची ममता

ममता बनर्जी के नेतृत्व में कई लेखकों, कलाकारों, कवियों और शिक्षा-शास्त्रियों ने पुलिस फायरिंग का कड़ा विरोध किया, जिससे परिस्थिति पर अन्य देशों का ध्यान आकर्षित हुआ। कलकत्ता उच्छ नायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए घटना की सीबीआई जांच का आदेश दिया। परिणामस्वरूप सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। बड़े पैमाने पर चले इस आंदोलन की वजह से ममता बनर्जी जनमानस में अपनी छवि बनाने में सफल रही और फिर पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होने में भी सफल रहीं। 

इसे भी पढ़ें: Nandigram History I | कैसा रहा है नंदीग्राम का इतिहास

प्रमुख खबरें

IPO Market में जबरदस्त हलचल: अगले हफ्ते 5 कंपनियां जुटाएंगी ₹7,443 करोड़, Investors के लिए बड़ा मौका

Maruti Suzuki का ₹35,000 करोड़ का Investment Plan: 5 साल में 63 लाख कारों की बिक्री का है महा-लक्ष्य

Galle Test से पहले Team India में बड़ा फेरबदल, Sai Sudharsan की जगह Sarfaraz Khan को मिली जिम्मेदारी

Shubman Gill फिट, Yashasvi Jaiswal का जलवा, Sri Lanka के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का दमदार प्रदर्शन