India Canda Relations Part 3| ट्रूडो की कूटनीतिक उदासीनता, ओटावा में आतंक का राज | Teh Tak

By अभिनय आकाश | Nov 20, 2024

आतंकी निज्जर की हत्या को लेकर पिछले साल जो विवाद शुरू हुआ था वो अब राजनयिकों के बाहर किए जाने के बाद गहरा गया है। भारत और कनाडा के बीच डिप्लोमेसी वॉर का आगाज हो गया है। कनाडा ने भारत के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों का संकेत दिया और दावा किया कि उसके पास इस हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों के शामिल होने के सबूत हैं। कनाडा सरकार ने बिश्नोई गिरोह और भारत सरकार के एजेंटों के बीच संबंधों का आरोप लगाते हुए उन पर कनाडा में गुप्त अभियान और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगाया। भारत ने सिख नेता की हत्या या देश में किसी भी अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने से इनकार करते हुए कनाडा के आरोपों को दृढ़ता से खारिज कर दिया। भारत में आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि निज्जर मामले में सबूत साझा करने का कनाडा का दावा झूठा था। 

यह काफी हद तक तभी साफ हो गया था जब पिछले साल महज सूचनाओं के आधार पर जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगा दिया था कि वहां हुई एक खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ है। तब भी भारत ने यही कहा था कि उनके पास अगर कोई ठोस सबूत हैं तो मुहैया कराएं। लेकिन उधर से कोई सबूत नहीं दिए गए। पिछले दिनों खुद ट्रूडो को एक समिति के सामने कबूल करना पड़ा कि उनके पास कोई सबूत नहीं थे। 

इसे भी पढ़ें: India Canda Relations Part 2 | कनाडा के खालिस्तान प्रेम की कहानी | Teh Tak

खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने और संरक्षण देने में माहिर कनाडा 

कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों का वोट हासिल करने के लिए वो भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा फैला रहे। लेकिन उनके आरोपों का कोई ठोस सबूत अब तक सामने नहीं आया। भारत ने इस मामले में साफ कह दिया कि ये आरोप बेबुनियाद है। भारत ने कनाडा से बार बार सबूत मांगे लेकिन ट्रूडो की सरकार ने कोई सबूत पेश नहीं किया। इसमें कोई संदेह नहीं है कि ट्रूडो कनाडा में भारत विरोधी खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने और संरक्षण देने में माहिर हैं। फिर भी, भारत को उनके कूटनीतिक भोलेपन के लिए आभारी होना चाहिए, जिसने कनाडा की धरती पर चल रहे खालिस्तानी आतंक का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने में मदद की है। आख़िरकार, यह भारत-विरोधी नेटवर्क न तो उत्तरी अमेरिकी देश में कोई हालिया घटना है, न ही यह जस्टिन ट्रूडो-केंद्रित डेवलपमेंट है।

इसे भी पढ़ें: India Canda Relations Part 4 | खालिस्तान के नाम से ही इतना डर क्यों जाते हैं कनाडा के पीएम | Teh Tak

प्रमुख खबरें

Infosys Job Opportunities | इंफोसिस का बड़ा ऐलान! CEO Salil Parekh बोले- AI के कारण नहीं होगी कोई छंटनी, 20,000 फ्रेशर्स की होगी भर्ती

Narasimha Jayanti 2026: नरसिंह जयंती व्रत से मिलती है शत्रुओं पर विजय

सावधान! AI बना डिजिटल डकैत! अहमदाबाद में Google Gemini AI का उपयोग कर आधार बायोमेट्रिक्स में सेंध, चार गिरफ्तार

Exit Polls 2026 | पश्चिम बंगाल में कमल की आहट, दक्षिण में विजय का धमाका और केरल में बदलाव के संकेत