By अंकित सिंह | Jan 14, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास, 10 सर्कुलर रोड पर एक भावुक और मार्मिक क्षण देखने को मिला, जब तेज प्रताप यादव ने अपने माता-पिता और छोटे भाई से मुलाकात की। इससे पारिवारिक संबंधों में आई नरमी का संकेत मिला। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और उनके माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को आयोजित दही-चूरा भोज में औपचारिक रूप से आमंत्रित करना था।
तेज प्रताप यादव ने स्वयं अपने छोटे भाई को निमंत्रण पत्र सौंपा, जिसे व्यापक रूप से भाईचारे, सुलह और पारिवारिक एकता का संदेश देने के प्रयास के रूप में देखा गया। तेज प्रताप ने एक्स पर लिखा कि आज अपने पिताजी लालू प्रसाद यादव जी, माता जी राबड़ी देवी जी से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचकर मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से भी भेंट मुलाकात कर कल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले "ऐतिहासिक दही -चूड़ा भोज" कार्यक्रम हेतु निमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया। साथ ही आज अपनी प्यारी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का अद्भुत पल भी प्राप्त हुआ।
पहुँचने पर, तेज प्रताप यादव ने सबसे पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात लंबे समय बाद पहला ऐसा अवसर था जब तेज प्रताप और तेजस्वी को महीनों तक अलग रहने और सार्वजनिक मंचों पर दूरी बनाए रखने के बाद मीडिया के सामने सहजता और सौहार्द के साथ देखा गया। राजनीतिक प्रतीकात्मकता के बीच, एक बेहद निजी पल ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया जब तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी की बेटी और भतीजी कात्यायनी को अपनी बाहों में उठा लिया।
तेज प्रताप ने बाद में इस पल को एक अद्भुत अनुभव बताया। बच्ची के साथ उनकी मुस्कुराती हुई तस्वीरें तुरंत वायरल हो गईं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि राजनीतिक मतभेदों और अलग-अलग रहने की व्यवस्था के बावजूद पारिवारिक बंधन अभी भी अटूट हैं। राजनीतिक विश्लेषक परिवार से लंबे समय तक दूर रहने के बाद तेज प्रताप की इस यात्रा को एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखते हैं। कई महीनों से दोनों भाइयों के बीच "शीत युद्ध" की अटकलें राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई थीं।