By अंकित सिंह | Jun 17, 2025
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एनडीए नेताओं के रिश्तेदारों को प्रमुख पद दे रही है। उन्होंने एनडीए नेताओं के रिश्तेदारों को खुश करने के लिए एक अलग ‘जमाई आयोग’ के गठन का सुझाव दिया। हाल ही में तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया था कि बिहार सरकार ने एनडीए नेताओं के दामादों को प्रमुख पद दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि नीतीश सरकार में 50% मंत्री वंशवादी हैं।
तेजस्वी ने कहा, 'मोदी 'परिवारवाद' के खिलाफ बोलते रहते हैं, लेकिन उन्हें आकर देखना चाहिए कि बिहार में क्या हो रहा है। हमने पहले स्पेशल अरेंजमेंट कमीशन की मांग की थी। जमाई आयोग होना चाहिए, लेकिन अब जीजा आयोग भी होना चाहिए। इतने सारे रिश्तेदारों को पद दिए जा रहे हैं। अधिकारी अपने रिश्तेदारों को सिस्टम में एडजस्ट करने में मदद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री इसे नजरअंदाज करते हैं। जब भी पीएम मोदी बिहार आते हैं, वे केवल हमारी आलोचना करते हैं। लेकिन वे कभी यह सवाल नहीं करते कि उनके अपने गठबंधन में क्या हो रहा है। आरएसएस का कोटा है। क्या मुख्यमंत्री हमें बता सकते हैं कि आरएसएस से कितने मंत्री हैं?
उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव हारने वाले लोग भी मंत्री बना दिए जाते हैं। कुछ को तो कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पद मिला। वही लोग अब हमें उपदेश दे रहे हैं।' राजद नेता ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार नियंत्रण खो चुकी है, नेता अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं और राज्य को लूट रहे हैं। यादव ने कहा, "सब कुछ संबंधों के आधार पर हो रहा है, एक कोटे से बेटी, दूसरे से दामाद। जल्दी से जल्दी "भाईचारा आयोग" का गठन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री का नियंत्रण नहीं है। और उनकी पार्टी के लोग इस बात से खुश हैं और जो चाहें कर रहे हैं। वे बिहार को लूट रहे हैं।"