By एकता | Feb 26, 2026
बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होते ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। एनडीए और महागठबंधन, दोनों ही खेमों में बैठकों का दौर जारी है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में अपने विधायकों और गठबंधन के साथियों के साथ बैठक की। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल है और वे राज्यसभा चुनाव न सिर्फ लड़ेंगे, बल्कि जीतेंगे भी। उन्होंने संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए जाएंगे। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर किसी 'खेला' की चर्चा तेज हो गई है।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए जरूरी आंकड़ों को देखें, तो महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वाम दल और आईआईपी) के पास कुल 35 विधायक हैं। जीत पक्की करने के लिए तेजस्वी को अभी भी 6 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में सबकी नजरें ओवैसी की पार्टी और बसपा के रुख पर टिकी हैं। दूसरी ओर, मौजूदा समीकरण के हिसाब से एनडीए को भी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 3 अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है।
अगर 5 सीटों के लिए केवल 5 ही उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो चुनाव निर्विरोध संपन्न हो जाएगा। लेकिन यदि कोई छठा या सातवां उम्मीदवार मैदान में आता है, तो मतदान होना तय है। ऐसी स्थिति में क्रॉस वोटिंग का खतरा भी बढ़ सकता है। आने वाले कुछ दिन बिहार की सत्ता और विपक्ष, दोनों के लिए परीक्षा की घड़ी साबित होने वाले हैं।