By अंकित सिंह | May 14, 2026
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को गुरुवार को पटना की एमपी-एमएलए अदालत से कोविड-19 महामारी के दौरान हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में जमानत मिल गई। महामारी के दौरान पटना प्रशासन ने धरने से संबंधित कथित उल्लंघनों के आरोप में यह मामला दर्ज किया था। अदालत से बाहर आने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने दावा किया कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसे महामारी के दौरान विपक्ष को सार्वजनिक मुद्दों को उठाने से रोकने के लिए दायर किया गया एक झूठा मामला बताया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण महामारी के दौरान बिहार के कई लोगों को पैदल ही अपने घर लौटना पड़ा और आरोप लगाया कि इस दौरान श्रमिकों को भारी कष्ट सहना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि आप जानते हैं कि बिहार के लोग पैदल लौट रहे थे। ट्रेनों की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। कई मजदूरों को कष्ट सहना पड़ा और उनकी जान चली गई। हमने नियमों का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और जनता की चिंताओं को उठाया, लेकिन सरकार ने हमारे खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर लिया।
आरजेडी नेता इस मामले के सिलसिले में पटना सिविल कोर्ट में पेश हुए थे। यह मामला कोविड-19 महामारी के चरम पर पटना में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कोविड-संबंधी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है।