By अंकित सिंह | May 14, 2026
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और ऊर्जा संरक्षण की अपील के मद्देनजर अपने काफिले का आकार कम करने का आदेश दिया। यह अपील पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्यपाल द्वारा उनके काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन राज्य सरकार पहले से ही विभिन्न संसाधनों में कटौती करके इस दिशा में कदम उठा रही है।
उन्होंने मीडिया से कहा कि यह अच्छी बात है कि राज्यपाल ने भी अपने काफिले में कटौती की है। हमने मंत्रियों के वेतन में 30% और विधायकों के वेतन में 20% की कटौती की है। हमने वित्तीय खर्च में कटौती की है। मैंने अपने काफिले का आकार भी कम करने के निर्देश दिए हैं। विपक्षी भाजपा पर तीखे हमले करते हुए मुख्यमंत्री सुखु ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में उन्होंने अंधाधुंध खर्च करके सार्वजनिक संसाधनों को बर्बाद किया। उन्होंने दावा किया कि हजारों करोड़ रुपये की इमारतें बनाई गईं, लेकिन आज उनसे किसी को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में वापसी का सपना तो देख रही है, लेकिन यह नहीं समझ पा रही कि पहले जनता की कसौटी पर खरा उतरना जरूरी है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1,500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी, जो राज्य को अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री सुखु ने कहा कि भाजपा का कोई भी नेता इस मुद्दे पर नहीं बोलता, जबकि उनकी सरकार खुलकर बोलती है और राज्य के अधिकारों की रक्षा करती है। राज्य सरकार आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है और इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखाई देंगे।