By अंकित सिंह | Oct 08, 2026
8 अक्टूबर को पटना में 'इंडिया' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भी शामिल हुए। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस विपक्षी विधायकों को आगे बढ़ने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमारे विधायकों को रोक दिया है। वे हमें आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह पर वोट की चोरी की साज़िश रचने का आरोप लगाया।
इस बीच, पिछले दिन SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताने के लिए जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे INDIA गठबंधन के सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी शामिल थे, जिन्हें बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने पर उन्हें बैरिकेड वाला गेट खोलने की कोशिश करते देखा गया और बाद में हिरासत में रहते हुए उन्हें मीडिया की ओर हाथ हिलाते और विक्ट्री साइन दिखाते हुए देखा गया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को भी हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान उन्हें ज़मीन पर लेटे हुए देखा गया और बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध कर रहे सांसदों के साथ ज़बरदस्ती की गई। पुलिस की गाड़ी से संविधान की कॉपी दिखाते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस देश में संविधान की क्या अहमियत है? हम संविधान के लिए अपनी जान भी दे देंगे। हमारे लिए कोई भी कीमत ज़्यादा नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस और INDIA गठबंधन सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे और गिरफ़्तारी व कानूनी चुनौतियों का सामना करेंगे।